उत्पीड़न, हिंसा या धमकी झेल रही महिलाओं को पहली कॉल से लेकर सही थाने, हेल्पलाइन या अदालत तक मार्गदर्शन और सहयोग।
हम किन समस्याओं पर कार्य करते हैं
- पीड़ितों को नहीं पता कि शिकायत कहाँ करें
- डर और सामाजिक दबाव के कारण महिलाएँ बोल नहीं पातीं
- पुलिस और कानूनी सहायता मिलने में देरी
हम क्या करते हैं
हमारे सदस्य पहले महिला की बात सुनते हैं, उसकी जानकारी गोपनीय रखते हैं और फिर उसे सही जगह तक पहुँचने में मदद करते हैं — महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस 112, वन स्टॉप सेंटर (सखी), स्थानीय थाना या वकील। गंभीर मामलों में हमारे पदाधिकारी शिकायत दर्ज होने तक परिवार के साथ रहते हैं।